शमशाबाद (फर्रुखाबाद): नगर में पेयजल संकट (drinking water crisis) गुरुवार की सुबह गहराता दिखा। अचानक दो नलकूपों में आई तकनीकी खराबी के बाद पूरे शमशाबाद नगर की जलापूर्ति (Water supply) चरमरा गई। नलों से पानी न आने के कारण नगरवासी सुबह-सुबह बाल्टी, डिब्बे और कनस्तर लेकर सरकारी नलों पर पानी भरने को मजबूर नजर आए। ठिठुरन भरी सर्दी में पानी की तलाश में लोगों को लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ा।
सुबह से ही मोहल्ला बाजार मंडी में सरकारी नलों पर भारी भीड़ जमा हो गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हाथों में डिब्बे लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। कुछ ही देर में हालात ऐसे बन गए कि नलों के आसपास अफरा-तफरी और विवाद की स्थिति पैदा होने लगी। स्थानीय लोगों का कहना था कि बीते करीब 24 घंटे से घरों में पानी नहीं आ रहा, जिससे दैनिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रहीं।
यही के निवासी चांद बाबू, इरफ़ान, इरशाद, बबलू, विजय सहित कई लोगों ने बताया कि बुधवार शाम से पानी की बूंद तक नहीं मिली। बच्चों को स्कूल भेजने, खाना बनाने और अन्य कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि सर्दी के मौसम में पानी की किल्लत और भी अधिक कठिनाई पैदा कर रही है।
इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष/मीडिया प्रभारी दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि नगर की जलापूर्ति व्यवस्था तीन नलकूपों पर आधारित है। बुधवार को इनमें से दो नलकूप अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गए, जिसके कारण पेयजल व्यवस्था ठप हो गई। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को तत्काल दुरुस्तीकरण के लिए लगा दिया गया है।
दीपक श्रीवास्तव ने बताया, “एक नलकूप को ठीक कर दिया गया है, जबकि दूसरे पर कार्य तेजी से चल रहा है। शाम 4 बजे तक नगर की पेयजल व्यवस्था पूर्ण रूप से बहाल कर दी जाएगी।” लोगों का कहना है कि शमशाबाद में पानी की सप्लाई रुकने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण हर बार मजबूरी में सरकारी नलों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में भीड़ बढ़ने से पानी भरने में घंटों लग जाते हैं और कई बार वाद-विवाद जैसी स्थितियां भी बन जाती हैं।


