– तेल टैंकर पर हमला और इस्फहान में अमेरिकी बमबारी से हालात और बिगड़े
नई दिल्ली।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने अमेरिकी-इस्राइली ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि समुद्री और जमीनी मोर्चों पर भी तनाव बढ़ गया है।
ईरानी सेना के अनुसार, इस्फहान के पास एक MQ-9 Reaper ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। दावा किया गया कि यह ड्रोन अमेरिका और इस्राइल से जुड़ा था।
ईरान ने यह भी कहा है कि अब तक वह अमेरिका-इस्राइल के कुल 146 ड्रोन गिरा चुका है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
एमक्यू-9 रीपर ड्रोन अत्याधुनिक तकनीक से लैस होता है और इसका उपयोग आमतौर पर निगरानी और सटीक हमलों के लिए किया जाता है। इसकी कीमत भी करोड़ों डॉलर में होती है, जिससे इसका नुकसान रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है।
इसी बीच समुद्री क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। ईरान पर आरोप है कि उसने कुवैत के एक तेल टैंकर को निशाना बनाया, जिससे उसमें आग लग गई।
यह हमला दुबई के बंदरगाह के पास हुआ बताया जा रहा है। घटना के बाद समुद्र में तेल रिसाव का खतरा पैदा हो गया है, जिससे पर्यावरणीय चिंता भी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Strait of Hormuz में टैंकरों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में बड़ा सैन्य हमला किया है। बताया जा रहा है कि इस हमले में भारी क्षमता वाले बंकर-बस्टर बम का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें बड़े धमाके और धुएं के गुबार देखे गए।
इस्फहान ईरान का एक महत्वपूर्ण सैन्य और परमाणु केंद्र माना जाता है, जहां संवर्धित यूरेनियम का भंडार भी होने का दावा किया जाता है।
इसी बीच ईरान की राजधानी Tehran के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है। बताया जा रहा है कि हमलों में बिजली संयंत्रों को नुकसान पहुंचा है।
पूर्वी तेहरान के कई इलाके अंधेरे में डूब गए हैं, जिससे आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
ईरान समर्थित इराकी उग्रवादी संगठनों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं। इनमें ड्रोन हमले भी शामिल बताए गए हैं।
वहीं, दक्षिणी लेबनान में Israel Defense Forces के चार और सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। इससे वहां चल रहे सैन्य अभियान में मारे गए सैनिकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
इस बीच भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। भारत ने कहा कि शांति मिशनों में तैनात सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।


