लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में सामने आए धर्मांतरण और यौन शोषण के गंभीर मामले में गठित विशाखा कमेटी की जांच पूरी हो गई है। जांच में डॉ. रमीज को आरोपों का दोषी पाया गया है। कमेटी ने डॉ. रमीज का दाखिला निरस्त करने की सिफारिश करते हुए इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) को पत्र भेज दिया है।
शुक्रवार को विशाखा कमेटी की अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में जांच रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कमेटी ने मामले से संबंधित सभी साक्ष्यों, बयान और उपलब्ध दस्तावेजों का गहन अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और निर्धारित मानकों के अनुरूप की गई है।
कमेटी की सिफारिश के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई डीजीएमई स्तर पर की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन भी डीजीएमई के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठाएगा। इस प्रकरण के सामने आने के बाद केजीएमयू में प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ चिकित्सा जगत में भी हलचल मची हुई है, जबकि छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों में भी इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, विशाखा कमेटी की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शीघ्र की जा सकती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।





