– मुख्यमंत्री को बताया जायगा
फर्रुखाबाद। जनपद में आवारा गोवंश की बढ़ती संख्या और गौशालाओं की बदहाल स्थिति को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव विनय कटियार ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि यह स्थिति सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रही है और इसकी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
मंगलवार शाम भूपतपट्टी स्थित यूथ इंडिया के संपादकीय कार्यालय पहुंचे विनय कटियार से नगर के विभिन्न लोगों से मुलाकात की। इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बताया कि शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर घूम रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।
स्थानीय स्तर पर जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार जनपद में हजारों की संख्या में गोवंश खुले में विचरण कर रहा है, जबकि संचालित गौशालाओं की क्षमता सीमित है। कई गौशालाओं में क्षमता से अधिक पशु रखे गए हैं, जिससे वहां चारे, पानी और चिकित्सा की भारी कमी बनी हुई है।
बताया गया कि कुछ वर्ष पहले तत्कालीन जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह के कार्यकाल में जनपद की गौशालाओं को एक मॉडल के रूप में विकसित किया गया था। उस समय प्रदेश स्तर पर इसकी सराहना भी हुई थी और इसे अन्य जिलों के लिए उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद पिछले दो वर्षों में व्यवस्थाएं लगातार कमजोर होती चली गईं।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि गौशालाओं के नोडल अधिकारी अब नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। पहले जहां समय-समय पर जांच और निगरानी होती थी, वहीं अब लापरवाही के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कई स्थानों पर पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध नहीं है, जिससे उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
विनय कटियार ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह सरकार की छवि पर सीधा असर डालेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकता रही है, ऐसे में जमीनी स्तर पर हो रही लापरवाही किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।
गोवंश और गौशालाओं की बदहाली पर भड़के विनय कटियार, बोले—“सरकार की छवि खराब नहीं होने देंगे


