अदालत ने दोषी पर लगाया बीस हजार का जुर्माना
फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद मादक पदार्थ रखने के मामले में सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट अंकित कुमार मित्तल ने ग्रामीण (Villager) को दोषी ठहराया है दोषी को चार साल सश्रम कारावास व बीस हजार रूपये जुर्माना की सजा (imprisonment) से दण्डित किया है तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेपुर सुजीत कुमार दुबे ने 30 मार्च 2010 को जनपद एटा थाना जैथरा गांव बनिया ढारा निवासी अरविंद सिंह पुत्र ऋषिपाल के खिलाफ नाजायज हथियार,मादक पदार्थ रखने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि चाचूपुर तिराहे पर वह सिपाहियों के साथ वाहन चेकिंग कर रहे थे उसी समय अरविंद सिंह बाइक से आ रहा था पुलिस को देखकर भागने लगा दौड़कर चाचूपुर तिराहे से कुछ दूरी पर पकड़ कर तलाशी ली लताशी में इसके पास से नशीला पदार्थ डायजीपाम काफी मात्रा में मिला था कमर में पेंट की बेल्ट में एक नाजायज पिस्टल व दो 32 बोर खोखा बरामद हुए पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की विवेचक ने विवेचना पुरी कर अरविंद के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, नाजायज हथियार रखने के अपराध में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से दिनेश सिंह चौहान, संजीव मिश्रा ने दलीलें दी मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट अंकित कुमार मित्तल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गवाह व साक्ष्य के आधार पर अरविंद को एनडीपीएस एक्ट, नाजायज हथियार रखने में दोषी ठहराया है दोषी को चार साल सश्रम कारावास व बीस हजार रूपये बतौर जुर्माना अदा करने की सजा से दण्डित किया है जुर्माना अदा ना करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।


