कासगंज। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्था द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, सोरों रोड कासगंज में एक विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की। सम्मेलन का उद्देश्य समाज को एकजुट कर भारतीय संस्कृति, संस्कार और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। आयोजन स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस सम्मेलन में वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध संत सुनील कौशल जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं दिल्ली स्थित श्री हनुमान दास लाख आश्रम के प्रतिनिधि ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। ब्रज क्षेत्र के प्रचारक महेंद्र पाल की उपस्थिति ने सम्मेलन को और भी गरिमामय बना दिया। अतिथियों का आयोजकों द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुनील कौशल जी महाराज ने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वह एकजुट होकर अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आत्मसात करें और आने वाली पीढ़ियों तक इन्हें पहुंचाएं।
आयोजनकर्ताओं ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना और लोगों को अपने धर्म, संस्कृति एवं शिक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती देशभर में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के प्रचार-प्रसार का कार्य कर रही है और इस प्रकार के सम्मेलन समाज में एकता और संगठन की भावना को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। सम्मेलन का समापन मां भारती की आरती के साथ किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने सहभागिता कर राष्ट्र और समाज की उन्नति की कामना की।


