फर्रुखाबाद: जनपद में शिक्षक संगठनों द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब बड़ी संख्या में शिक्षक निर्धारित विद्यालय समय के दौरान ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पहुंच गए। परिषदीय विद्यालयों का समय दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है, लेकिन शिक्षक दोपहर लगभग 12:30 बजे से ही बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्रित होने लगे।

धरना बीएसए कार्यालय परिसर में ही आयोजित किया गया, जहां लगे सीसीटीवी कैमरों के सामने शिक्षक नारेबाजी करते रहे। जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के मुखिया के रूप में कार्यरत विश्वनाथ प्रताप सिंह के कार्यालय परिसर में ही इस प्रकार का प्रदर्शन होना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा। यह भी कहा जा रहा है कि शिक्षकों में विभागीय कार्रवाई का कोई विशेष भय नहीं दिखा, तभी बड़ी संख्या में शिक्षक विद्यालय समय से पूर्व कार्यालय पहुंच गए।

इस संबंध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अवनीश चौहान ने स्पष्ट किया कि धरना-प्रदर्शन की सूचना एक दिन पूर्व ही जिला अधिकारी, बीएसए तथा लोकल इंटेलीजेंस यूनिट को दे दी गई थी। उन्होंने कहा, “हमने प्रशासन को लिखित रूप से अवगत करा दिया था कि अमुक तिथि को धरना होगा। समय की जानकारी भी पहले ही दी गई थी। शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए हैं। इसमें किसी प्रकार की गोपनीयता नहीं रखी गई।”

कुछ शिक्षकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि विद्यालय समय के दौरान कार्यालय पहुंचना नियमों के विपरीत माना जा सकता है, हालांकि वे आंदोलन के समर्थन में एकजुट हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विद्यालय समय में शिक्षकों की उपस्थिति, विभागीय अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर अब कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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