लखनऊl प्रदेश विधान परिषद में शुक्रवार को प्रश्न प्रहर के दौरान शिक्षा, शिक्षकों की सुविधाओं और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस विषय पर सरकार जल्द ही निर्णय लेगी और यथासमय सदन को भी इससे अवगत कराया जाएगा। यह मुद्दा समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने प्रश्न प्रहर के दौरान उठाया था। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इस संबंध में कोई समिति गठित की गई है। इस पर मंत्री संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी प्रकार की समिति का गठन नहीं किया गया है।
प्रश्न प्रहर के दौरान ही डॉ. मान सिंह यादव ने वित्तविहीन शिक्षकों को सुविधाएं दिए जाने का मामला उठाया। इस पर नेता सदन और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सदन को बताया कि वित्तविहीन शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर 89 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है और जल्द ही इसके लिए शासनादेश भी जारी कर दिया जाएगा।
शिक्षक दल के सदस्य ध्रुव त्रिपाठी ने संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) भुगतान में आ रही समस्याओं को सदन के सामने रखा। इस पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आश्वासन दिया कि नवसृजित जिलों में जीपीएफ से जुड़ी दिक्कतों को छह माह के भीतर दूर कर लिया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के सदस्य लाल बिहारी यादव ने निजी शिक्षा बोर्डों के प्रचार-प्रसार में अधिकारियों की भूमिका का मुद्दा उठाया। इस पर नेता सदन ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई होगी। सपा सदस्य किरण पाल ने शामली जिले में नाले की समस्या को उठाया, जिस पर पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक सप्ताह के भीतर जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वहीं सपा के मुकुल यादव ने नगर पंचायत करहल में श्मशान न होने की समस्या सदन में रखी, जिस पर सरकार की ओर से शीघ्र श्मशान की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया गया।
भाजपा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में शिक्षक भर्ती में रिश्वत लेकर अयोग्य लोगों के चयन और आरक्षण नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया। इस पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यदि आरक्षण प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है तो मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भाजपा के ही सदस्य रविशंकर उर्फ ‘पप्पू भैया’ ने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया में जमीन दाता को कार्य परिषद में शामिल न किए जाने का मुद्दा उठाया, जिस पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा सदन में लखीमपुर खीरी से भारत-नेपाल सीमा होते हुए नैमिष और ओरछा (मध्य प्रदेश) तक एक्सप्रेसवे निर्माण की मांग भी जोर-शोर से उठी।
सदन में चीनी माझे की समस्या भी चर्चा में रही। भाजपा विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए चीनी माझे की खुलेआम बिक्री पर चिंता जताते हुए कहा कि यह मानव जीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है और इस पर सख्त रोक लगाई जानी चाहिए।
इसी दौरान शिक्षक दल के सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से जुड़े शोध प्रोजेक्टों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की मेधा का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस प्रश्न को सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने प्रश्न एवं संदर्भ समिति को भेजने के निर्देश दिए। ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने विशेषाधिकार हनन के तहत जिलों में होने वाली बैठकों की सूचना समय पर न मिलने का मुद्दा भी उठाया।
सदन की कार्यवाही के दौरान विधान परिषद के पूर्व सदस्य गोरख प्रसाद निषाद के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कुल मिलाकर विधान परिषद का यह सत्र शिक्षा, शिक्षक हितों और जनसमस्याओं को लेकर सरकार की घोषणाओं और आश्वासनों के कारण खासा अहम रहा।






