नई दिल्ली| अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि अगर वहां का नेतृत्व अमेरिका की शर्तों को नहीं मानता है, तो देश में एक और सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्टरों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार थी और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई के विकल्प खुले रखे गए थे, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा हालात को देखते हुए शायद अब नए ऑपरेशन की आवश्यकता न पड़े। ट्रंप ने वेनेजुएला में चुनाव कराए जाने की बात दोहराई, लेकिन इसके लिए कोई स्पष्ट समयसीमा बताने से परहेज किया।
इस बीच वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अमेरिका के साथ टकराव के बजाय सहयोग और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार को एक सहयोगी एजेंडे पर साथ काम करने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए साझा विकास, स्थिरता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को मजबूत करना है। रोड्रिग्ज ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अमेरिका और पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र के साथ संतुलित, सम्मानजनक और बराबरी पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संबंध चाहता है।
डेल्सी रोड्रिग्ज ने अपने बयान में यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, वेनेजुएला की जनता और पूरा क्षेत्र शांति और संवाद के हकदार हैं, न कि युद्ध और हिंसा के। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संदेश केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे वेनेजुएला की आवाज है। इससे पहले राष्ट्रपति निकोलस मादुरो भी कई बार यह कह चुके हैं कि उनका देश टकराव नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए समस्याओं का समाधान चाहता है।
इसी बीच राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की आज पेशी होने जा रही है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं। मादुरो की पेशी और अमेरिका की सख्त चेतावनी के बीच डेल्सी रोड्रिग्ज की यह अपील वेनेजुएला संकट में एक नया कूटनीतिक मोड़ मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव का रास्ता चुना जाता है या संवाद और सहयोग की पहल को आगे बढ़ाया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here