फर्रुखाबाद / मोहम्मदाबाद।
वन्यजीव संरक्षण कानून को ठेंगा दिखाते हुए दो नीलगायों (वन रोज) का शिकार कर उनकी खाल उतारने वाले पांच शिकारियों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के पास से नगदी, मोबाइल फोन, हथियार और शिकार में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम रोहिला में अवैध रूप से दो नीलगायों का शिकार किया। शिकारियों ने बंदूक से गोली मारकर दोनों वन रोजों को मौत के घाट उतार दिया और बाद में उनकी खाल निकाल ली। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया।
🔹 प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देशन में हुई कार्रवाई
सूचना मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी/उप निदेशक के निर्देशन में क्षेत्रीय वन अधिकारी राजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में अनूप कुमार, वन दरोगा तावेश अहमद, अमित कुमार, राहुल सक्सेना, सचिन कुमार सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर सभी शिकारियों को मौके से दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
वन विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है आसिफ पुत्र साबिर, निवासी 60 फुटा रोड, मोहम्मदी मस्जिद, रामगढ़, फिरोजाबाद शिव पुत्र राजेंद्र, निवासी शहजादपुर, दीदौली, नजीरपुर, फिरोजाबाद, इमामुद्दीन अली पुत्र स्व. लियाकत, निवासी 60 फुटा रोड, मोहम्मदी मस्जिद, रामगढ़, फिरोजाबाद, शाहबाज पुत्र शहजाद, निवासी कोहिनूर रोड, रामगढ़, फिरोजाबाद, अब्दुल शकूर पुत्र सैयद इश्तियाक अली, निवासी कोहिनूर रोड, रामगढ़, फिरोजाबाद, आर्यांश पुत्र रिशवपाल सिंह निवासर मनोहर कोतवाली मोहमदाबाद, सभी आरोपियों को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
🔹 शिकार में प्रयुक्त सामग्री बरामद
वन विभाग की टीम ने आरोपियों के कब्जे से—
₹2390 नगद
5 मोबाइल फोन
1 लीडर
2 मोटरसाइकिल
1 बंदूक
9 छोटे व 9 बड़े छर्रे
1 कुल्हाड़ी
1 चाकू
बरामद किए हैं।
🔹 मृत नीलगायों का पोस्टमार्टम कर दफनाया गया
वन विभाग द्वारा दोनों मृत नीलगायों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके उपरांत उन्हें सम्मानपूर्वक दफन कर दिया गया। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
🔹 वन विभाग का सख्त संदेश
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। भविष्य में भी इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





