नई दिल्ली| कांग्रेस सांसद शशि थरूर के वंशवादी राजनीति पर दिए गए बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। थरूर ने अपने लेख ‘इंडियन पॉलिटिक्स आर ए फैमिली बिजनेस’ में कहा कि भारतीय राजनीति कुछ परिवारों की संपत्ति बनती जा रही है। उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार का उदाहरण देते हुए लिखा कि जब सत्ता काबिलियत की बजाय खानदान से तय होती है, तो लोकतंत्र कमजोर पड़ता है।
थरूर की टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि गांधी परिवार ने देश के लिए बलिदान दिया है, इसलिए वंशवाद का आरोप अनुचित है। राशिद अल्वी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही फैसला करती है, किसी को पारिवारिक कारणों से राजनीति से नहीं रोका जा सकता। वहीं उदित राज ने कहा कि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बन सकता है तो नेता का बेटा राजनीति में क्यों नहीं आ सकता।
इधर, भाजपा ने थरूर के बयान को समर्थन देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा प्रवक्ता शहजाद जयहिंद ने कहा कि थरूर ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे “नेपो किड्स” पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसा कि “थरूर अब खतरों के खिलाड़ी बन गए हैं, कांग्रेस की फर्स्ट फैमिली बदला लेना जानती है।”
थरूर ने अपने लेख में अब्दुल्ला, मुफ्ती, ठाकरे, पटनायक, यादव, पासवान और करुणानिधि परिवारों का भी उल्लेख किया और कहा कि वंशवादी राजनीति लोकतंत्र की गुणवत्ता को कमजोर करती है।





