चंडीगढ़/शिमला/लखनऊ। उत्तर भारत में भारी बारिश और नदियों के उफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

*पंजाब में 8 जिलों के 1018 गांव प्रभावित*
पंजाब के आठ जिलों में 1018 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 3 लोग लापता हैं। 11 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से गुरदासपुर के घोनेवाले में धुस्सी बांध टूट गया, जिसके चलते पानी अजनाला शहर तक पहुंच गया और 80 गांव डूब गए।
सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान से हालात गंभीर बने हुए हैं। कपूरथला कमिश्नर अमित कुमार पंचाल ने कहा कि ब्यास नदी का जलस्तर 2.35 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

*जम्मू-कश्मीर: लैंडस्लाइड और बादल फटने से 11 की मौत*
रियासी जिले के बदर गांव में शनिवार सुबह लैंडस्लाइड से 7 लोगों की मौत हो गई। रामबन के राजगढ़ में बादल फटने से 4 लोगों की जान चली गई और एक महिला लापता है।
कटरा में भारी बारिश के चलते वैष्णो देवी यात्रा छह दिन से ठप है।

*हिमाचल प्रदेश: मणिमहेश यात्रा रोकी गई*
चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर रोक लगा दी गई है। अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, 4 लापता हैं और 7 लोग घायल हैं।

*उत्तर प्रदेश: बलिया में गंगा कटान से 24 घर बह गए*
लगातार बारिश से यूपी के 18 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। अब तक 774 मकान ढह चुके हैं। बलिया जिले के चक्की नौरंगा और भगवानपुर क्षेत्र में गंगा किनारे तेजी से कटान हो रहा है। सिर्फ 24 घंटे में यहां 24 मकान नदी में समा गए।

*मौसम विभाग का अलर्ट*
मौसम विभाग ने पंजाब और हिमाचल के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरन तारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।

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