नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य हमला करते हुए होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित भूमिगत मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई में 5,000 पाउंड वजनी अत्याधुनिक ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया गया, जिसने आधुनिक युद्ध की नई तस्वीर पेश कर दी है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, हमले में ईरान के तटीय क्षेत्रों में मौजूद अत्यधिक सुरक्षित और मजबूत मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों पर तैनात एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी थीं, खासकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों के लिए।
इस सैन्य कार्रवाई के साथ ही पूरे क्षेत्र में तनाव और हिंसा तेजी से बढ़ गई है। इजरायल के मध्य हिस्से में बैलिस्टिक मिसाइल हमले में एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई, जबकि बेनी ब्राक में मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक व्यक्ति घायल हुआ।
वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम लगातार ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर रहे हैं। देश की एजेंसियों ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। दुबई में सुनी गई तेज आवाजों को भी एयर डिफेंस इंटरसेप्शन का परिणाम बताया गया है।
इसी बीच बहरीन में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया, जबकि कुवैत की सेना ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों को विफल करने का दावा किया है। उधर लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजरायल के हवाई हमले तेज होने से पूरे पश्चिम एशिया में हालात और विस्फोटक हो गए हैं।
इस हमले में इस्तेमाल किया गया ‘बंकर बस्टर’ बम जीबीयू-72 एडवांस पेनिट्रेटर का आधुनिक संस्करण है, जो जमीन के भीतर गहराई तक जाकर विस्फोट करता है। यह बम पहले कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परतों को भेदता है और फिर लक्ष्य के भीतर विस्फोट कर उसे पूरी तरह नष्ट कर देता है। इसकी खासियत यह है कि सतह पर अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है, लेकिन अंदर छिपे ठिकाने पूरी तरह तबाह हो जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भविष्य के युद्ध की दिशा का संकेत है, जहां दुश्मन के भूमिगत और अत्याधुनिक ठिकानों को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता।


