– 1 अप्रैल से नया फॉर्म I-129 अनिवार्य; पुराने आवेदन होंगे खारिज
वाशिंगटन
अमेरिका ने विदेशी कर्मचारियों के लिए वर्क वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नए नियम लागू करने की घोषणा की है। ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे और इसके तहत नया फॉर्म I-129 अनिवार्य कर दिया गया है।
अमेरिकी नागरिकता एवं आप्रवासन सेवा USCIS ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तारीख के बाद पुराने फॉर्म के जरिए किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
नए नियमों के तहत 1 अप्रैल 2026 से केवल 02/27/26 एडिशन वाला फॉर्म I-129 ही मान्य होगा। यदि इसके बाद पुराने संस्करण (01/20/25) में आवेदन भेजा गया, तो उसे सीधे खारिज कर दिया जाएगा।
फॉर्म I-129 का उपयोग अमेरिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से काम पर रखने या ट्रेनिंग देने के लिए करती हैं। इसमें H-1B सहित कई गैर-आप्रवासी वीजा श्रेणियां शामिल होती हैं।
इन श्रेणियों में H-1B, H-2A, H-2B, H-3, L-1, O-1, P और R-1 जैसे वीजा प्रमुख हैं, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में विदेशी पेशेवर अमेरिका में काम करने जाते हैं।
नए फॉर्म में सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब कंपनियों को उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव और नौकरी से जुड़ी जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी देनी होगी।
इसके साथ ही नियोक्ताओं को यह भी बताना होगा कि संबंधित पद पर न्यूनतम योग्यता क्या है, पढ़ाई का विषय क्या होना चाहिए और क्या उस पद में प्रबंधकीय जिम्मेदारियां शामिल हैं।
नए नियमों में वेतन से जुड़ी जानकारी को भी अधिक पारदर्शी बनाया गया है। अब कंपनियों को कर्मचारी के वेतन स्तर की सटीक जानकारी देना अनिवार्य होगा।
फॉर्म में अब दो अलग-अलग वेतन स्तर दिखाए जाएंगे—एक लेबर कंडीशन एप्लीकेशन (LCA) में दर्ज वेतन और दूसरा H-1B रजिस्ट्रेशन के दौरान चयनित वेतन स्तर।
इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियां सही वेतन स्तर के आधार पर ही विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करें और किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
नए नियमों के तहत वेतन-आधारित लॉटरी प्रणाली को भी अधिक व्यवस्थित किया गया है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिल सके।
यूएससीआईएस ने 27 फरवरी 2026 को इस नए फॉर्म का अपडेट जारी किया था और कंपनियों को पहले ही बदलावों के लिए तैयार रहने को कहा था।
एजेंसी के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक पुराने फॉर्म में किए गए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन इसके बाद उन्हें मान्य नहीं माना जाएगा।
इस बदलाव के बाद कंपनियों को अपने आवेदन नए नियमों के अनुरूप तैयार करने होंगे, अन्यथा उनके वीजा आवेदन रद्द हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वीजा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने की दिशा में उठाया गया है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर काम करने वाले पेशेवरों पर भी पड़ेगा।


