फर्रुखाबाद।कानपुर रोड फतेहगढ़ में गंगा जमुना तहजीब की मिसाल देश के महानसूफी संत बाबा सत्तार शाह दुर्वेश अहसनी रहमानी व उनके प्रथम सज्जादानशीन व संस्थापक दरगाह शाह मिर्जा अशरफ अली जौहार रहमानी का 73वां दो दिवसीय उर्स ए सत्तारी अशरफी की 11 जनवरी से शुरुआत सुबह 7:00 बजे से कुरान ख्वानी के साथ की जाएगी। रात को 8:00 से जलसा ए ईद मिलादुन्नबी की महफिल आयोजित की जाएगी।
उर्स में बहरूनी मौलानाओं के अलावा व शायरों के आने की मंजूरी मिल गई है 12 जनवरी को दरगाह शरीफ पर प्राप्त 10:00 बजे से मजलिसे हुसैन आयोजित की जाएगी वह दोपहर को 2:00 बजे से रस्मे चादर व गागर का जुलूस भूसा मंडी से धूमधाम के साथ कव्वाली की धुन पर चादर और गागर का जुलूसनिकाला जाएगा जो दरगाह तक पहुंचेगा व स्वर्गीय असगर हुसैन टेलर muहल्ला बजाजा से भी जायरीन नंगे पैर चादर व
़गागर का जुलूस लेकर निकलेंगे जो दरगाह पर जाकर पहुंचेगी वहां पर चादर चढ़ाई जाएगी तथा गागर पेश होगी जिसमें भारी संख्या में जायरीन शिरकत करेंगे ।श्रद्धालुओं का ताता लगा रहेगा। शाम को 4:00 बजे से दरगाह अहसनी महमूदी शेखपुर कमालगंज के सज्जाद नशीन आमिर महमूद प्यारेमियां की दस्तारबंदी करेंगे तथा पूरी रात कव्वाल सूफियाना कलाम पेश करेंगे।यह जानकारी दरगाह के सज्जादा नशीन शाह मिर्जा हसन अशरफ उर्फ प्यारे मियां ने दी।





