हापुड़। जिले में विद्युत व्यवस्था को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अंतर्गत मीटर विभाग में कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर बीते दो वर्षों में 10 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ताजा कार्रवाई में अधिशासी अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए गए हैं।
कार्य में गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार को उनके पद से हटा दिया गया है। विभागीय जांच में यह सामने आया कि मीटर संबंधी कार्यों और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही थी, जिसके चलते उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
इसी क्रम में हापुड़ के अधीक्षण अभियंता एस.के. अग्रवाल का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें मेरठ स्थित एमडी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि मीटर विभाग की कार्यप्रणाली में लगातार मिल रही शिकायतों और लापरवाही को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत सुभाष चंद्र को हापुड़ का नया अधीक्षण अभियंता नियुक्त किया गया है। वहीं, सचिन को अधिशासी अभियंता का चार्ज सौंपा गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, नए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मीटर से जुड़ी समस्याओं, उपभोक्ता शिकायतों और राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। बीते दो वर्षों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में भी कार्य में शिथिलता बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद जिले के बिजली उपभोक्ताओं को मीटर संबंधी समस्याओं, गलत बिलिंग और शिकायतों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद जगी है। विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने और जवाबदेही तय करने के संकेत भी दिए गए हैं।


