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Sunday, March 8, 2026

एसपी के बेटे सृजित गंगवार ने यूपीएससी में मारी बाजी, दूसरी बार सफलता के साथ 84वीं रैंक हासिल

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मुरादाबाद| जनपद के लिए यह गर्व और हर्ष का क्षण है। जिले में तैनात पुलिस अधीक्षक यातायात एवं पुलिस अधीक्षक क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार के पुत्र सृजित गंगवार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर 84वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पुलिस विभाग और जनपद का नाम रोशन हुआ है। जैसे ही परीक्षा परिणाम की जानकारी सामने आई, पुलिस महकमे से लेकर उनके पैतृक निवास तक खुशी की लहर दौड़ गई और बधाई देने वालों का तांता लग गया।
सृजित गंगवार की सफलता को और भी खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पहले भी यूपीएससी परीक्षा पास की थी, लेकिन अपने लक्ष्य को और ऊंचा बनाने के लिए दोबारा प्रयास किया। कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने इस बार अपनी रैंक में उल्लेखनीय सुधार करते हुए 84वां स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि को जिले के प्रशासनिक और पुलिस जगत में प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद से संबंध रखने वाले सृजित गंगवार ने वर्ष 2024 में भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उस समय उन्हें ऑल इंडिया 277वीं रैंक प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर उनका चयन कस्टम विभाग के लिए हुआ था। हालांकि, सृजित की महत्वाकांक्षा यहीं तक सीमित नहीं थी। उन्होंने अपने लक्ष्य को और बड़ा बनाते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाने का संकल्प लिया और दोबारा परीक्षा देने का फैसला किया।
दूसरे प्रयास में उन्होंने पहले की गलतियों से सीख लेते हुए और अधिक मेहनत की। अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने इस बार शानदार सफलता हासिल की और 84वीं रैंक प्राप्त कर अपने आईएएस बनने के सपने को साकार कर लिया।
जैसे ही सृजित की सफलता की खबर सामने आई, पुलिस मुख्यालय में भी उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार को मिठाई खिलाकर बधाई दी। पुलिस विभाग ने भी इसे अपने लिए गौरव का क्षण बताया है।
इस अवसर पर सुभाष चंद्र गंगवार ने भावुक होते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए अत्यंत खुशी का पल है। उन्होंने बताया कि उनका छोटा बेटा बेंगलुरु में कार्यरत है, जबकि बड़े बेटे सृजित ने यूपीएससी में शानदार सफलता हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि बेटे की मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।
सृजित गंगवार की सफलता हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो प्रशासनिक सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करने का सपना देखते हैं। उनकी यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अब सृजित एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी के रूप में देश और समाज की सेवा के लिए तैयार हैं।

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