फर्रुखाबाद।
नगर पालिका परिषद की बैठक में इस बार विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है और कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं।
बैठक के दौरान सभासदों ने कहा कि सड़कों की दुर्दशा, जल निकासी की खराब व्यवस्था और सफाई व्यवस्था की बदहाली से जनता त्रस्त है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कई वार्डों में नालियां जाम हैं और कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद नगर पालिका प्रशासन समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में मौजूद अधिकारियों से जवाब तलब किया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नाराजगी और बढ़ गई।शहर में बढ़ते आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। सभासदों ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग घर से निकलने में भी डरने लगे हैं।
शहर के कई इलाकों में बंदरों के झुंड लोगों पर हमला कर रहे हैं और घरों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक बनती जा रही है।
सभासदों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया गया और न ही आवारा पशुओं को नियंत्रित किया गया। नगर पालिका की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनआंदोलन किया जाएगा।
पालिका बैठक में भ्रष्टाचार पर बवाल, सभासदों ने खोली व्यवस्थाओं की पोल


