लखनऊ
प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में देशभर में पहला स्थान प्राप्त कर लिया है। राज्य में तेजी से बढ़ते रूफटॉप सोलर संयंत्रों ने न केवल ऊर्जा उत्पादन की तस्वीर बदली है, बल्कि आम जनता को सस्ती और सतत बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 3,47,729 नए रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए, जिससे कुल स्थापित क्षमता 1161.756 मेगावाट के पार पहुंच गई है।
आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 4,48,233 सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं, जो इसे देश का अग्रणी राज्य बनाते हैं। खास बात यह रही कि मार्च 2026 में अकेले 52,729 सोलर संयंत्र स्थापित किए गए, जो एक महीने में अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों, केंद्र सरकार की सब्सिडी योजनाओं और मजबूत क्रियान्वयन तंत्र का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।
यदि पूरे वर्ष के रुझानों पर नजर डालें तो सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। अप्रैल 2025 में जहां 15,836 इंस्टॉलेशन के साथ शुरुआत हुई, वहीं मई और जून में यह संख्या क्रमशः 18,509 और 18,494 तक पहुंच गई। इसके बाद जुलाई में अचानक तेजी आई और 29,850 संयंत्र स्थापित हुए, जिससे क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त और सितंबर में भी यह रफ्तार बनी रही, जबकि अक्टूबर में मामूली गिरावट के बाद नवंबर और दिसंबर में फिर से उछाल आया। नवंबर में 30,894 और दिसंबर में 31,164 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए, जो इस क्षेत्र में बढ़ती जागरूकता और स्वीकार्यता को दर्शाते हैं।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सोलर ऊर्जा को लेकर जो सकारात्मक माहौल बना है, वह आने वाले वर्षों में और बड़े बदलाव का आधार बनेगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग तेजी से रूफटॉप सोलर अपनाने लगे हैं, जिससे बिजली बिल में कमी के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
सरकार की इस पहल से न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। सोलर पैनल की स्थापना, मेंटेनेंस और संबंधित सेवाओं में बड़ी संख्या में युवाओं को काम मिल रहा है। इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर यह योजना जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी सहायक साबित हो रही है।
कुल मिलाकर, पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरी है। आने वाले समय में यदि इसी गति से कार्य जारी रहा, तो उत्तर प्रदेश ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।


