वाराणसी: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) ने बुधवार को बताया कि पिछले साल अगस्त में बिल्डर महेंद्र गौतम की बेरहमी से हत्या करने वाला और एक लाख रुपये के इनाम वाला सुपारी किलर बनारसी यादव (contract killer Banarasi Yadav) मुठभेड़ में ढेर हो गया है। यूपी एसटीएफ ने X पर एक पोस्ट में यादव की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि यादव आज यूपी एसटीएफ टीम के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया था और उसे पास के अस्पताल ले जाया गया था।
गौरतलब है कि यादव बिल्डर महेंद्र गौतम की हत्या में संलिप्त था, जिसकी 21 अगस्त, 2025 को सारनाथ इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस मामले में बनारसी यादव की तलाश कर रही थी, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात को खुफिया जानकारी मिलने के बाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने यादव को मुठभेड़ स्थल पर घेर लिया। उसने एसटीएफ पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में एसटीएफ ने भी गोलीबारी की। गोलीबारी में यादव घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
एसटीएफ के अनुसार, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसटीएफ प्रवक्ता के अनुसार, यादव के खिलाफ दो दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। ऐसा माना जा रहा है कि एसटीएफ टीम ने यादव को पहले आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था, लेकिन उसने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और इसके बजाय उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी गोलीबारी में दो गोलियां बनारसी यादव को लगीं और वह जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के पास से एक पिस्तौल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए हैं।
गौरतलब है कि बनारसी यादव ने 50 करोड़ रुपये के जमीन विवाद को लेकर व्यवसायी की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। 3 जनवरी को पुलिस ने इस मामले के मुख्य शूटर अरविंद यादव उर्फ फौजी को भी गिरफ्तार कर लिया, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम भी था।


