लखनऊ| प्रदेश पुलिस ने एक सिपाही के काले कारनामों के मद्देनजर उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने का निर्णय लिया है। इस सिपाही पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और जांच में सहयोग न करने के कारण पुलिस ने यह कड़ा कदम उठाया है। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद सिपाही को देश छोड़ने से रोका जाएगा और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, आरोपी सिपाही आलोक राज्य में कोडीन युक्त कफ सीरप की तस्करी में लंबे समय से शामिल था। वह स्थानीय बाहुबली के संरक्षण में काम कर रहा था और कफ सीरप गिरोह के मास्टर माइंड शुभम जायसवाल तथा अमित सिंह टाटा के साथ मिलकर अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि सिपाही ने कई बार जांच में सहयोग करने से इनकार किया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल आरोपी को गिरफ्तार करना है, बल्कि ऐसे सिस्टम के भीतर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देना भी है, जो अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों में शामिल होते हैं। लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद सिपाही का विदेश जाने का कोई रास्ता नहीं रहेगा और सुरक्षा बल उसे जल्द ही पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
यह मामला यूपी पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि इसमें न सिर्फ भ्रष्टाचार बल्कि स्थानीय बाहुबली और गिरोहों के साथ मिलकर अवैध कारोबार की गहरी साजिश सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी और कफ सीरप तस्करी जैसे मामलों में कड़े संदेश भी जाएंगे।





