लखनऊ/नोएडा। अमेरिकी टैरिफ से मंडरा रहे संकट के बीच उत्तर प्रदेश के निर्यातकों और हस्तशिल्पियों के लिए गुरुवार से शुरू हुआ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) उम्मीदों की नई किरण लेकर आया है। 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस आयोजन से प्रदेश के निर्यातकों को करीब 3,000 से 3,500 करोड़ रुपये तक के निर्यात ऑर्डर्स मिलने का अनुमान है। साथ ही 100 करोड़ रुपये से अधिक की सीधी बिक्री की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
पिछले संस्करणों से दोगुनी प्रगति
यूपीआईटीएस का सफर लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2023 में पहले आयोजन में 1914 प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार शामिल हुए थे। दूसरे संस्करण 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 2122 प्रदर्शकों और 350 विदेशी खरीदारों तक पहुंचा, जहां 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात ऑर्डर्स और 40 करोड़ रुपये की सीधी बिक्री दर्ज की गई। इस बार तीसरे संस्करण में 2,500 से ज्यादा प्रदर्शक, 500 विदेशी खरीदार और 5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद है।
रूस बना कंट्री पार्टनर
इस बार ट्रेड शो में रूस को “कंट्री पार्टनर” बनाया गया है। औद्योगिक संगठनों का मानना है कि रूस और यूरोपीय देशों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों की बड़ी मांग है। इससे न केवल यूरोपीय बाजार बल्कि अरब और अफ्रीकी देशों से भी निर्यातकों को बेहतर ऑर्डर्स मिलने की संभावना है।
80 देशों से आएंगे 500 से अधिक बायर्स
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के यूपी प्रमुख आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार 80 देशों के 500 से अधिक बायर्स ट्रेड शो में भाग ले रहे हैं। रोजाना करीब 100 देशों के बायर्स का डेलिगेशन आएगा और बी-टू-बी मीटिंग्स के जरिए प्रदेश के निर्यातकों के साथ सीधे ऑर्डर्स पर चर्चा होगी।ट्रेड शो में लगे हजारों स्टॉल्स पर विशेष रूप से एमएसएमई सेक्टर के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छोटे उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और घरेलू बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।






