इटावा: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने के बाद इटावा जनपद को शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। बजट में नारी सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। हालांकि जहां छात्राओं और युवाओं में उत्साह देखने को मिला, वहीं कुछ व्यापारी वर्ग ने अपेक्षानुरूप राहत न मिलने पर निराशा भी जताई है।
प्रदेश सरकार ने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कूटी देने की घोषणा की है। जिले के यूपी बोर्ड और सीबीएसई विद्यालयों की लगभग 11,816 छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलने का अनुमान है। स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए अन्य शहरों में जाने वाली छात्राओं के लिए यह योजना विशेष रूप से सहायक मानी जा रही है। इससे बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ ही उनकी आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के निकट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के पास 250 बेड का लेवल-1 ट्रामा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की गई है। वर्तमान में 150 बेड वाले इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर पर बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रस्तावित ट्रामा सेंटर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और एक्सप्रेस-वे पर होने वाली दुर्घटनाओं के पीड़ितों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराएगा। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है और बजट में इसके लिए धन का प्रावधान भी किया गया है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5) के तहत इटावा में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है। जिला उद्योग विभाग के अनुसार लगभग 470 करोड़ रुपये के 45 एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और 94 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। इन निवेश परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से करीब 4000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। प्रस्तावित उद्योगों में होटल, कोल्ड स्टोरेज, ऑयल मिल, राइस मिल, अस्पताल, चिलिंग प्लांट और पेट्रोल पंप शामिल हैं। गुजरात और गाजियाबाद के उद्यमियों द्वारा भी जिले में निवेश की रुचि दिखाई गई है।
इसके अतिरिक्त ‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना के अंतर्गत इटावा के प्रसिद्ध खीर मोहन की ब्रांडिंग की घोषणा भी की गई है। पुरबिया टोला में बनने वाला खीर मोहन अपनी विशिष्ट मिठास और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। सरकार की इस पहल से स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ ही मिठाई व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार ने बताया कि औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं तथा शेष लक्ष्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। कुल मिलाकर बजट में इटावा को मिली घोषणाओं को लेकर छात्राओं, युवाओं और उद्योग जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जबकि कुछ व्यापारिक संगठनों ने कर एवं राहत पैकेज को लेकर अपनी अपेक्षाएं अधूरी रहने की बात कही है।


