बजट 2026-27 में जल संसाधन क्षेत्र को 30% अधिक आवंटन
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट भाषण में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिए 18,290 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है।
सरकार का दावा है कि इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचेगी।
प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर
सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जिनमें शामिल हैं—मध्य गंगा स्टेज-2 परियोजना
कनहर सिंचाई परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना
भौरट बांध परियोजना
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित या पुनर्स्थापित होने का अनुमान है।
नलकूप और सिंचन क्षमता में वृद्धि
वर्ष 2025-2026 में 2100 नवीन राजकीय नलकूपों का निर्माण पूरा किया गया।डार्क जोन में स्थित 569 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण किया गया।
इन कार्यों से लगभग 1.62 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता पुनर्स्थापित होगी और करीब 1.43 लाख कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा।
बाढ़ नियंत्रण में प्रगति
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-2026 में 285 बाढ़ परियोजनाएं पूर्ण की गईं, जिनसे लगभग 49.90 लाख आबादी को लाभ मिला।
इसके अतिरिक्त 11,065 किलोमीटर लंबाई में ड्रेनों की सफाई कराई गई, जिससे जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया।
बजट 2026-27 में सिंचाई और जल संसाधन विभाग को दिया गया बढ़ा आवंटन कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यदि घोषित परियोजनाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण होती हैं, तो इससे किसानों की सिंचाई सुविधा बढ़ेगी और बाढ़ से होने वाले नुकसान में कमी आएगी। अब निगाहें क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता पर रहेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here