बजट 2026-27 में तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने प्रदेश को तकनीकी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तीव्र विस्तार हो रहा है।
वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेश जल्द ही देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ कहा
“सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं,
डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में।”
उन्होंने कहा कि मेहनत, नवाचार और तकनीकी निवेश के बल पर प्रदेश डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
सड़क एवं सेतु : कनेक्टिविटी पर रिकॉर्ड निवेश
प्रदेश में बेहतर आवागमन और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सड़क एवं सेतु क्षेत्र में 34,468 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रमुख घोषणाओं मे
नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर विकास हेतु 400 करोड़ रुपये
सेतु निर्माण के लिए 4,808 करोड़ रुपये
रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतु निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रुपये
राज्य, प्रमुख एवं अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये
राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये
सड़क निर्माण/चौड़ीकरण हेतु अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये
शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये
औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क मार्ग विकास हेतु 1,000 करोड़ रुपये
सरकार का कहना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि उद्योग, व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
बजट 2026-27 में एक ओर जहां प्रदेश को आईटी हब बनाने की महत्वाकांक्षी घोषणा की गई है, वहीं दूसरी ओर सड़कों और सेतुओं के माध्यम से कनेक्टिविटी को मजबूत करने का बड़ा प्रावधान किया गया है।
तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर का यह संयोजन प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन किस गति और पारदर्शिता से होता है।

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