इटावा। यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य अब पूरी तरह गति पकड़ चुका है। पहले दिन शिक्षकों के बहिष्कार के चलते जहां मूल्यांकन कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ था, वहीं दूसरे दिन से स्थिति में सुधार शुरू हुआ और तीसरे दिन यह कार्य और अधिक रफ्तार के साथ आगे बढ़ता नजर आया। दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की बढ़ती उपस्थिति और सक्रियता से कॉपियों की जांच का कार्य सुचारू रूप से जारी है।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर गुरुवार को मूल्यांकन कार्य में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली थी, जहां एक ही दिन में 11,929 कॉपियों की जांच की गई। इस केंद्र पर कुल 783 परीक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से 520 परीक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मूल्यांकन कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई। पहले दिन की तुलना में दूसरे और तीसरे दिन परीक्षकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे कार्य की गति और अधिक तेज हो गई है। अब तक इस केंद्र पर कुल मूल्यांकित कॉपियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और तीसरे दिन भी सैकड़ों परीक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य में जुटे रहे।
वहीं इस्लामिया इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर भी दूसरे दिन से कार्य में तेजी आई और यह क्रम तीसरे दिन भी जारी रहा। यहां गुरुवार को 5,231 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था। इस केंद्र पर कुल 375 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें से लगभग 200 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य में भाग लिया। इसके अलावा 45 उप प्रधान परीक्षकों में से 38 ने उपस्थित रहकर कॉपियों की जांच प्रक्रिया की निगरानी की। तीसरे दिन भी परीक्षकों और पर्यवेक्षकों की सक्रियता से मूल्यांकन कार्य में निरंतर प्रगति देखी गई।
मूल्यांकन केंद्रों पर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि परीक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य समय से पूर्ण किया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अब मूल्यांकन कार्य पूरी तरह पटरी पर लौट चुका है और आने वाले दिनों में इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षकों की बढ़ती भागीदारी और जिम्मेदारी के साथ किए जा रहे कार्य से यह उम्मीद जताई जा रही है कि शेष कॉपियों का मूल्यांकन भी शीघ्र पूरा हो जाएगा, जिससे बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें।


