लखनऊ। प्रदेश ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के मामले में प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। दिसंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 8,42,08,154 असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जो देश के अन्य सभी राज्यों से अधिक है।
राज्य सरकार और श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि श्रमिकों में बढ़ती जागरूकता, डिजिटल सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसे का परिणाम है। ई-श्रम पोर्टल का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय स्तर पर डेटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, बीमा, पेंशन, आपदा सहायता और रोजगार संबंधी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
आंकड़ों के विश्लेषण से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक है। कुल पंजीकरण में 52.62 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जबकि पुरुषों की हिस्सेदारी 47.38 प्रतिशत है। यह संकेत देता है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत महिला श्रमिक भी बड़ी संख्या में सरकारी योजनाओं से जुड़ रही हैं।
आयु वर्ग के आधार पर देखें तो 63.39 प्रतिशत श्रमिक 18 से 40 वर्ष के हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि युवाओं का झुकाव इस पोर्टल की ओर तेजी से बढ़ा है। 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग के 20.90 प्रतिशत श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि 15.65 प्रतिशत श्रमिक 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि हर आयु वर्ग के श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने के लिए आगे आ रहे हैं।
व्यवसायिक वितरण के अनुसार, प्रदेश में पंजीकृत श्रमिकों में सबसे अधिक 48 प्रतिशत कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं। इसके अलावा 23 प्रतिशत अन्य व्यवसायों में, 16 प्रतिशत घरेलू एवं गृहकार्य में, सात प्रतिशत निर्माण क्षेत्र में और छह प्रतिशत वस्त्र उद्योग में कार्यरत हैं। इससे स्पष्ट है कि ई-श्रम पोर्टल ने खेत-खलिहान से लेकर शहरी कारीगरों तक सभी को एक मंच पर जोड़ने का काम किया है।
अन्य राज्यों की तुलना में भी उत्तर प्रदेश काफी आगे है। पंजीकरण के मामले में दूसरे स्थान पर बिहार है, जहां 321.67 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल में 265.41 लाख, मध्य प्रदेश में 191.81 लाख और महाराष्ट्र में 182.73 लाख असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है।
श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए श्रमिकों को आधार संख्या, लिंक मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी देनी होती है। पंजीकरण के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने, दुर्घटना बीमा, पेंशन योजनाओं, रोजगार अवसरों की सूचना और आपदा के समय आर्थिक सहायता प्राप्त करने में सुविधा मिलती है।
प्रदेश का यह प्रदर्शन न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अब अपने अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में पंजीकरण की संख्या और बढ़ेगी तथा अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं के दायरे में लाया जाएगा।

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