संभल| जनपद में बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे शुरू हुई तेज बारिश और हवाओं के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल जमीन पर गिर गई, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही सरसों और आलू की फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है।
लगातार हुई बारिश के चलते जनपद के अधिकांश इलाकों में गेहूं की फसल पूरी तरह खेतों में बिछ गई है। यह फसल कटाई के लिए तैयार थी और अगले दो से तीन दिनों में इसकी कटाई शुरू होने वाली थी। वहीं सरसों की फसल, जिसकी काफी हद तक कटाई हो चुकी थी, वह भी इस बारिश से प्रभावित हुई है।
आलू की फसल की स्थिति पहले से ही खराब थी, क्योंकि जनवरी में हुई बारिश ने उसे नुकसान पहुंचाया था। अब बची हुई आलू की फसल, जिसकी खुदाई का काम चल रहा था, वह भी इस बेमौसम बारिश की चपेट में आ गई है। आंकड़ों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत आलू की खुदाई हो चुकी थी, जबकि करीब 60 प्रतिशत सरसों की फसल काटी जा चुकी थी।
तहसील संभल के गांव शहजादी सराय निवासी किसान भगवान दास सैनी ने बताया कि तेज आंधी और बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार अब केवल 25 से 30 प्रतिशत फसल ही बचने की उम्मीद है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
इस मामले में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभागों से फसलों के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि 33 प्रतिशत से अधिक फसल खराब पाई जाती है, तो इसे आपदा की श्रेणी में रखा जाएगा। फिलहाल अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं और जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।


