23 C
Lucknow
Tuesday, April 7, 2026

माफियातंत्र के दबाव में डीएम फर्रुखाबाद आशुतोष कुमार द्विवेदी गलत आख्या लगा सुरक्षा रोकी, – शासन को किया जा रहा गुमराह

Must read

फर्रुखाबाद/लखनऊ। दैनिक यूथ इंडिया के संपादक एवं प्रकाशक शरद कटियार ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद आशुतोष कुमार द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को दिए विस्तृत प्रत्यावेदन में कहा है कि माफियातंत्र के दबाव और एक जनप्रतिनिधि के विरोध के चलते जिलाधिकारी के इशारे पर जिला सुरक्षा समिति द्वारा भ्रामक और झूठी रिपोर्ट भेजकर शासन को गुमराह किया गया, जिसके चलते उन्हें जान का खतरा होने के बावजूद सुरक्षा नहीं दी जा रही।

शरद कटियार के अनुसार, पूर्व में शासन स्तर से उनके जीवन पर खतरा मानते हुए सुरक्षा प्रदान की गई थी और जिला सुरक्षा समिति ने 2022 में इसे बढ़ाने की संस्तुति भी की थी। इसके बावजूद वर्ष 2023 में सुरक्षा यह कहते हुए वापस ले ली गई कि उनके पास वैध शस्त्र लाइसेंस है, जबकि उनका लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था, जिसका नवीनीकरण आज तक नहीं हो सका । इसे उन्होंने सुनियोजित साजिश करार दिया है।

प्रत्यावेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिलाधिकारी की अगुवाई में जिला सुरक्षा समिति और स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) द्वारा बार-बार गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में यह तक दर्शा दिया गया कि प्रार्थी के माता-पिता का निधन हो चुका है और वह जनपद छोड़कर लखनऊ में रह रहे हैं, जबकि उनकी मां जीवित हैं और फर्रुखाबाद स्थित पैतृक आवास पर उनकी पत्नी और बेटी संग निवास कर रही हैं।और वो अपने कार्यों से लखनऊ सहित प्रदेश भर में संपादकीय कार्यों में रत रहते हैं।

कटियार ने आरोप लगाया कि यह सब कुछ माफिया अनुपम दुबे गैंग के करीबी नॉन प्रैक्टिशनर अपराधी वकील अवधेश मिश्रा और उसके दबंग सहयोगियों के दबाव में किया गया। रोज उन्हें सोशल मीडिया के जरिए धमकियां मिल रही हैँ, और कचहरी आने पर बेइज्जत करने की बातें कही जा रही है उनके सहयोगियों को डराया जा रहा है, कभी भी कोई बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।उनका कहना है कि उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए थे,आज भी माफियातंत्र द्वारा खुलेआम लगातार धमकियां दी जा रही हैं और जानलेवा हमले भी हो चुके हैं, लेकिन जिलाधिकारी ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही सुरक्षा से वंचित कर दिया।

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण से संबंधित उनकी पूरी पत्रावली आयुध अनुभाग से गायब हो गई है। इसे उन्होंने गंभीर प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र बताया है।और जानबूझ कर आज तक नवीनीकरण नहीं किया गया। न ही निरस्त किया गया, हर बार ये कहकर सुरक्षा से वंचित कर दिया जाता है कि उनके पास रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस है जबकि वह उसे लेकर नहीं चल सकते हैं।

कटियार ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और सांसदों द्वारा उनकी सुरक्षा के लिए पत्र लिखे जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी स्तर से लगातार नकारात्मक रिपोर्ट भेजकर उनके जीवन के खतरे को नजरअंदाज किया गया।

उन्होंने ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, भारतीय प्रेस परिषद सहित सभी उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article