उज्जैन: 14 मार्च, 2026 को Canada में उज्जैन (Ujjain) के छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की संदिग्ध मौत के आठ दिन बाद भी उनका परिवार अपने बेटे के शव को भारत वापस लाने के लिए सहायता की गुहार लगा रहा है। इससे पहले, परिवार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) से अपील की थी, जिन्होंने उज्जैन स्थित उनके आवास पर जाकर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
पत्र में गुरकीरत के पिता गुरजीत सिंह ने कहा कि यादव ने 17 मार्च, 2026 को व्यक्तिगत रूप से परिवार से मुलाकात की थी और उन्हें आश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार उच्चतम स्तर पर पूर्ण समर्थन देगी, जिसमें उनके बेटे के पार्थिव शरीर को उज्जैन वापस लाना भी शामिल है। “हालांकि, अब तक विदेश मंत्रालय या केंद्र सरकार के किसी भी अधिकारी ने हमसे सीधे संपर्क नहीं किया है, और न ही हमें यह बताया गया है कि शव कब वापस लाया जाएगा,” उन्होंने पत्र में लिखा।
परिवार ने घटना की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। पत्र में सिंह ने कांसुलर सहायता, शव की वापसी की व्यवस्था और ब्रिटिश कोलंबिया में वकील की नियुक्ति के माध्यम से कानूनी सहायता की मांग की है। परिवार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस मामले को कनाडा के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाए।
इससे पहले, मुख्यमंत्री यादव ने आश्वासन दिया था कि मध्य प्रदेश सरकार इस मामले से संबंधित सभी खर्च वहन करेगी। उज्जैन के पार्श्वनाथ सिटी स्थित परिवार के आवास पर अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि यदि आवश्यक हुआ तो अंतिम संस्कार के लिए परिवार के दो सदस्यों को कनाडा भेजने की व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि, मृतक छात्र की माता चाहती हैं कि उनके बेटे का शव भारत वापस लाए जाने के बाद उज्जैन में ही उसका अंतिम संस्कार किया जाए।


