वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में एक फेसबुक पोस्ट को लेकर छात्रों के बीच हिंसक टकराव का गंभीर मामला सामने आया है। बीएचयू के राजाराम हॉस्टल में यूजीसी के समर्थन में निकाले गए जुलूस का वीडियो और फोटो फेसबुक पर साझा करना एक छात्र को भारी पड़ गया। आरोप है कि इस पोस्ट से नाराज छात्रों के एक गुट ने एमए प्रथम वर्ष के छात्र आदर्श कुमार की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसे पेट और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पूरे हॉस्टल परिसर में तनाव का माहौल है।
पीड़ित छात्र आदर्श कुमार ओबीसी वर्ग से ताल्लुक रखता है और बीएचयू में इतिहास विषय से एमए प्रथम वर्ष का छात्र है। आदर्श ने बताया कि उसने अपने फेसबुक अकाउंट से विश्वविद्यालय परिसर में यूजीसी के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम और जुलूस की तस्वीरें व वीडियो साझा किए थे। इसी बात से नाराज होकर दूसरे गुट के छात्रों ने उसे निशाना बनाया। आरोप है कि हमलावरों ने न सिर्फ उसकी पिटाई की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।
आदर्श के मुताबिक, इस हमले में राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र विभाग से जुड़े कुछ छात्र शामिल थे। पिटाई इतनी गंभीर थी कि उसे पेट और सिर में गहरी चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज कराना पड़ा। घटना की सूचना फैलते ही हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। प्रशासन ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जो भी छात्र दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, छात्र संगठनों और छात्र संघ ने इस घटना की निंदा करते हुए छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
बीएचयू परिसर में इस घटना ने एक बार फिर छात्र राजनीति, सोशल मीडिया अभिव्यक्ति और कैंपस सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।






