लखनऊ/नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित संस्थानों को घेरते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूजीसी जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक निकाय में किसी भी स्तर पर अन्याय या पक्षपात स्वीकार्य नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा,
“यूजीसी में दोषी बचे नहीं, अन्याय किसी के साथ न हो और निर्दोष फंसे नहीं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्च शिक्षा से जुड़े फैसले लाखों छात्रों और शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित करते हैं। ऐसे में यदि यूजीसी में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भेदभाव या गलत निर्णय सामने आते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया ऐसी हो, जिससे निर्दोष लोगों को मानसिक, सामाजिक या शैक्षणिक नुकसान न झेलना पड़े। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कई मामलों में जल्दबाजी या राजनीतिक दबाव में फैसले लिए जाते हैं, जिसका खामियाजा छात्रों और शिक्षकों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा तभी बनेगा, जब जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो,कार्रवाई सबूतों के आधार पर हो,और किसी भी वर्ग या व्यक्ति के साथ भेदभाव न किया जाए।
यूजीसी को लेकर अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि शिक्षा में न्याय और पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, जिस पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
फिलहाल, यूजीसी से जुड़े मामलों पर राजनीतिक दबाव और बहस दोनों बढ़ती नजर आ रही हैं, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक आवाज़ और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
यूजीसी पर अखिलेश यादव का तीखा हमला: दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, निर्दोषों के साथ न हो अन्याय


