धौरहरा संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का सामूहिक इस्तीफा, नेतृत्व से पुनर्विचार की मांग
लखीमपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। जिले के धौरहरा संसदीय क्षेत्र से जुड़े भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है।
कार्यकर्ताओं ने अपना सामूहिक त्यागपत्र जिलाध्यक्ष को सौंपते हुए कहा कि यूजीसी के मौजूदा निर्णय से सामान्य वर्ग के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं। उनका आरोप है कि इस फैसले के सामाजिक और शैक्षणिक प्रभावों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया।
कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि यूजीसी के निर्णय से शिक्षा और अवसरों को लेकर असंतुलन बढ़ेगा
जमीनी कार्यकर्ताओं की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया
पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर संवाद की कमी रही।
कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि नीति पर पुनर्विचार की मांग है। उन्होंने नेतृत्व से आग्रह किया है कि यूजीसी बिल के प्रावधानों पर दोबारा विचार किया जाए और सभी वर्गों के हितों को संतुलित ढंग से देखा जाए।
इस सामूहिक इस्तीफे के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह विरोध अन्य क्षेत्रों तक भी फैल सकता है।
यूजीसी बिल को लेकर लखीमपुर में उभरा यह विरोध संकेत देता है कि मुद्दा अब केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का रूप ले चुका है।




