पिता नागेंद्र सिंह राठौर की राजनीति के संभावित उत्तराधिकारी हैं अजय
फर्रुखाबाद। यूजीसी बिल के खिलाफ पूरे देश और प्रदेश में चल रहे मुखर सवर्ण आंदोलन में भोजपुर बिधानसभा से बीजेपी विधायक नागेंद्र सिंह राठौर के पुत्र अजय सिंह उर्फ कल्लू ने भी विरोध की पूरी ताकत झोंकी है, जिसने उन्हें जिले की राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी चर्चा तक, अजय सिंह इस समय लगातार सुर्खियों में हैं और उनके नेतृत्व में उन्हें सबर्ण समाज का खुला समर्थन उन्हें मिल रहा है।
अजय सिंह उर्फ कल्लू ने यूजीसी बिल और पिछड़े व दलित जातियों के मुद्दे पर स्पष्ट और आक्रामक रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को भी नसीहत देते हुए अपनी श्रवण समर्थित सोच की खबरअलग राजनीतिक लाइन खींची है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि वे केवल किसी जनपद निधि के पुत्र भर नहीं, बल्कि अपनी स्वतंत्र सोच और साहसिक राजनीति के साथ आगे बढ़ने वाले नेता हैं।
अपने पिता विधायक नागेंद्र सिंह राठौर की मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि के बावजूद अजय सिंह ने उनकी छाया में रहने के बजाय अलग पहचान बनाने की कोशिश की है। यूजीसी बिल विरोध के दौरान उनकी सक्रियता, तीखे बयान और सोशल मीडिया पर निरंतर मौजूदगी ने उन्हें सबर्ण समाज के बीच एक नए और मुखर चेहरे के रूप में स्थापित किया है। समर्थकों का मानना है कि वे सबर्ण समाज की भावनाओं को मजबूती से सामने रखने वाले जिले के इकलौते और ऊर्जावान युवा नेता बनकर उभरे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में अजय सिंह अपने पिता की राजनीतिक विरासत के संभावित उत्तराधिकारी भी माने जा रहे हैं। हालांकि जिस आत्मविश्वास और स्वतंत्रता के साथ वे मुद्दों को उठा रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि वे विरासत के सहारे नहीं, बल्कि अपने दम पर राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहते हैं। यूजीसी विरोध के मंच से शुरू हुआ यह सफर अजय सिंह को आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति का एक अहम चेहरा बना सकता है।






