समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राम गोपाल यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और समान नागरिक संहिता को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की फॉरेन पॉलिसी पूरी तरह प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर निर्भर करती है, लेकिन मौजूदा हालात में भारत की भूमिका उतनी प्रभावी नहीं दिख रही है जितनी होनी चाहिए।
राम गोपाल यादव ने कहा कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मध्यस्थता कर रहे हैं, जबकि भारत को, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, इस भूमिका में आगे होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के भीतर यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से क्या बातचीत हुई और उसका भारत की विदेश नीति पर क्या प्रभाव पड़ा।
वेस्ट एशिया में चल रहे विवाद को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी की ओर से इस बैठक में जावेद अली खान और धर्मेंद्र यादव शामिल होंगे।
इसके अलावा, गुजरात में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। राम गोपाल यादव ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां ऐसे कानून लाने की कोशिश की जा रही है, जो आम जनता के हित में नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि जरूरत है कि देशहित में पारदर्शिता और संवाद को प्राथमिकता दी जाए।
फॉरेन पॉलिसी और यूसीसी बिल पर राम गोपाल यादव का सरकार पर निशाना, बोले— पीएम को संसद में देनी चाहिए जानकारी


