16 से 28 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश के पुलिसकर्मियों की छुट्टियाँ रद्द, विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी अनुमति त्योहारों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
लखनऊ| उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और छठ जैसे प्रमुख त्यौहारों को देखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा है कि 16 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियाँ रद्द रहेंगी। इस अवधि में किसी भी स्तर के अधिकारी या जवान को बिना अनुमति अवकाश नहीं मिलेगा।
यह आदेश पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस निर्णय का उद्देश्य है — त्योहारों के समय कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना, भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव रहेगा
सूत्रों के अनुसार, पुलिस मुख्यालय से सभी एडीजी जोन और आईजी रेंज को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें।
लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, नोएडा और गाजियाबाद जैसे संवेदनशील जिलों में विशेष गश्त, बम स्क्वॉड जांच और ड्रोन सर्विलांस की व्यवस्था की जा रही है।
डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला पुलिस प्रमुखों को यह भी निर्देश दिया है “हर थाने में त्योहारों की ड्यूटी को मिशन मोड पर लिया जाए। किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
राज्य सरकार के मुताबिक, अक्टूबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा जैसे प्रमुख पर्व एक के बाद एक पड़ रहे हैं।
इस दौरान बाजारों, मंदिरों और घाटों पर भारी भीड़ उमड़ती है।
डीजीपी ने आदेश में कहा कि “भीड़-नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा” के लिए हर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
डीजीपी ने कहा है कि इस आदेश का पालन हर हाल में किया जाएगा, लेकिन किसी विशेष परिस्थिति जैसे बीमारी या पारिवारिक आपात स्थिति में पुलिसकर्मी अपने वरिष्ठ अधिकारी की लिखित अनुमति लेकर छुट्टी ले सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल “विशेष अपवाद” के रूप में ही मान्य होगी।
राज्य के पुलिस बल में करीब 2.4 लाख जवान और अधिकारी हैं। आदेश के बाद सभी जनपदों में त्योहारों के लिए “ड्यूटी रोस्टर” तैयार कर लिया गया है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने भी डीजीपी के निर्देश के बाद अपने स्तर पर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की है।
डीसीपी सेंट्रल अपर्णा गौतम ने बताया कि प्रमुख बाजारों जैसे हजरतगंज, अमीनाबाद, चौक और अलीगंज में फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।
ड्रोन कैमरों से निगरानी और चेकिंग अभियान शुरू कर दिए गए हैं।
साथ ही फायर ब्रिगेड, बम निरोधक दस्ते और एंटी-रायट वाहन भी तैयार रखे गए हैं।
त्योहारों के दौरान अफवाह फैलाने और नफरत भड़काने वाले संदेशों पर नज़र रखने के लिए सोशल मीडिया सेल को अलर्ट कर दिया गया है।
डीजीपी ने कहा कि “जो भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ साइबर क्राइम एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
डीजीपी के इस आदेश के बाद जहां पुलिस प्रशासन इसे “कर्तव्य धर्म” का हिस्सा बता रहा है, वहीं पुलिसकर्मियों के परिवारों में हल्की निराशा भी देखी जा रही है।
लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात एक महिला सिपाही की पत्नी ने कहा “हर साल त्योहारों पर पति ड्यूटी पर रहते हैं, बच्चे अकेले दीपावली मनाते हैं… लेकिन जनता की सुरक्षा भी ज़रूरी है, इसीलिए हम समझते हैं।”
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा “हमारा मकसद है कि कोई भी व्यक्ति असुरक्षा महसूस न करे। दीपावली, छठ या अन्य त्योहारों में हर नागरिक चैन की नींद सो सके, यही हमारी ड्यूटी है।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन इलाकों में पिछले वर्षों में कोई झगड़ा या दुर्घटना हुई हो, वहां अतिरिक्त पुलिस बल और खुफिया निगरानी रखी जाए।





