कासगंज। खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष और सुरक्षा हालातों के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं प्रभावित होने से कासगंज शहर के दो युवक विदेश में फंस गए हैं। ओमान और सऊदी अरब के जद्दा में रह रहे ये दोनों युवक फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन फ्लाइट सेवाएं रद्द होने के कारण उनकी भारत वापसी संभव नहीं हो पा रही है। इस स्थिति से उनके परिवारों में चिंता का माहौल है और परिजन लगातार फोन के माध्यम से उनसे संपर्क कर हालात की जानकारी ले रहे हैं।
शहर के बिलराम गेट क्षेत्र स्थित बिजली घर के निकट निवासी जुबेर पुत्र शरीफ वर्ष 2022 से ओमान में रहकर एक निजी कंपनी में कारपेंटर के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे विदेश में मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनके परिवार में माता-पिता, एक भाई और बहन हैं, जिनकी जिम्मेदारी काफी हद तक उन्हीं के कंधों पर है। हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों और बढ़ते तनाव के बाद से उनके परिवार की चिंता बढ़ गई है। हालांकि जुबेर ने फोन पर परिजनों को बताया है कि जिस क्षेत्र में वे रह रहे हैं वहां फिलहाल कोई खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन इसके बावजूद परिवार के लोग उन्हें जल्द से जल्द घर लौट आने की सलाह दे रहे हैं।
जुबेर के पिता शरीफ का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र के हालातों की खबरें सुनने के बाद से उन्हें अपने बेटे की लगातार चिंता बनी हुई है। वे बताते हैं कि इन दिनों उन्हें रात में ठीक से नींद भी नहीं आ रही है और मन में तरह-तरह के विचार आते रहते हैं। उनकी मां भी बेटे की चिंता में गुमसुम रहती हैं और बेटे से फोन पर बात होने के बाद ही उन्हें कुछ राहत मिलती है।
इसी क्षेत्र के निवासी मोहम्मद दिलशाद के पुत्र नौसाद भी इन दिनों विदेश में फंसे हुए हैं। नौसाद सऊदी अरब के जद्दा शहर में एक ट्रैवल्स कंपनी में बस चालक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में उनके एक भाई और तीन बहनें हैं, जो लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रही हैं। रमजान के महीने में रोजे और नमाज के दौरान पूरा परिवार उनके सुरक्षित रहने की प्रार्थना कर रहा है।
परिजनों के अनुसार नौसाद ने फोन पर बताया है कि कंपनी की ओर से उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है और फिलहाल वे सुरक्षित हैं। हालांकि खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के चलते हवाई सेवाएं प्रभावित हैं, जिसके कारण उनकी भारत वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है। परिवार के लोग लगातार मोबाइल के माध्यम से उनसे संपर्क में बने हुए हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।


