औरैया
शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में सेंगुर नदी में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। दोनों आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं और दोपहर के समय नदी में स्नान करने पहुंचे थे। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद घटना की जानकारी सामने आई। लगभग ढाई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव नदी से बाहर निकाले। इस घटना से गांव में शोक और मातम का माहौल है।
जानकारी के अनुसार दोनों किशोर दोपहर के समय सेंगुर नदी में नहाने गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी के बीच गहराई अधिक होने के कारण वे अचानक डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी। कुछ ही क्षणों में दोनों पानी में लापता हो गए।
उधर, काफी देर तक दोनों का गांव में अता-पता न चलने पर स्वजन चिंतित हो उठे और खोजबीन शुरू की। इसी बीच ग्रामीणों को नदी में डूबने की सूचना मिली। तत्काल यूपी-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्होंने नदी में उतरकर किशोरों की तलाश शुरू की। लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए। शव बाहर आते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप और अन्य स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम छा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएंगे।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदी और तालाबों में बिना सुरक्षा इंतजाम के नहाने के खतरों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और गहरे स्थानों को चिह्नित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।


