– नए साल की पार्टी या जेल की लापरवाही? भीमसेन मुकुंद पर उठे गंभीर सवाल
कन्नौज: जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर रविवार रात बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब कन्नौज जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर अनौगी स्थित जिला जेल (Kannauj district jail) से दो बंदी दीवार फांदकर फरार हो गए। सोमवार सुबह करीब 10 बजे बंदियों (prisoners) की गिनती के दौरान यह सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी मिलते ही विनोद कुमार (पुलिस अधीक्षक) और आशुतोष मोहन अग्निहोत्री (जिलाधिकारी) समाधान दिवस छोड़कर सीधे जिला जेल अनौगी पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के अनुसार,
डिंपी उर्फ शिवा (निवासी ग्राम मलंगवा, थाना ठठिया) – पॉक्सो एक्ट में निरुद्ध
अंकित (निवासी हजरापुर, थाना तालग्राम) – आर्म्स एक्ट में निरुद्ध
दोनों कैदियों ने कम्बलों की रस्सी बनाकर जेल की ऊंची दीवार से उतरकर रविवार रात फरारी काट ली। सुबह गिनती में दो कैदी कम पाए गए, जिसके बाद सच्चाई सामने आई।
सूत्रों की मानें तो रविवार को जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद ने नए साल के मौके पर जेल परिसर में पार्टी आयोजित की थी, जिसमें डीजे और नाच-गाने का माहौल था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा में तैनात कर्मचारी इसी जश्न में व्यस्त थे, और उसी का फायदा उठाकर दोनों कैदी फरार हो गए।
सबसे बड़ा सवाल है कि
क्या जिला जेल कोई पिकनिक स्पॉट है?
क्या कैदियों की निगरानी से ज्यादा ज़रूरी नए साल का जश्न था?
कार्रवाई के दावे, लेकिन जिम्मेदारी किसकी?पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दी जा रही हैं और जल्द उन्हें पकड़ लिया जाएगा। लेकिन सवाल यह नहीं कि कैदी कब पकड़े जाएंगे, सवाल यह है कि वे भागे कैसे?जेल की दीवार पार हो गई। कम्बलों से रस्सी बनती रही किसी को भनक तक नहीं लगी यह सब जेल प्रशासन की घोर लापरवाही की ओर इशारा करता है।


