लखनऊ
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मोदीपुरम मेट्रो स्टेशन के पास उत्तराखंड परिवहन निगम और उत्तर प्रदेश रोडवेज की दो बसें आपस में टकरा गईं। अचानक हुए इस हादसे से बसों में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और मौके पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और अधिकांश यात्री सुरक्षित बच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उत्तराखंड डिपो की बस ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके चलते पीछे से आ रही यूपी रोडवेज की बस उससे जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि यूपी रोडवेज बस का अगला शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि उत्तराखंड बस का पिछला हिस्सा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। हादसे के तुरंत बाद दोनों बसों में सवार यात्रियों में घबराहट फैल गई और लोग तेजी से बसों से नीचे उतरने लगे।
इस दुर्घटना में उत्तराखंड बस के चालक अनिल पाल को मामूली चोटें आईं, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। बसों में सवार करीब 70 से 80 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद दोनों बसों के चालक एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाते नजर आए, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर बहस की स्थिति भी बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यातायात को सुचारु कराया और दोनों बसों को सड़क किनारे हटवाया, जिससे जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और असावधानी से वाहन चलाने के खतरों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए और अचानक ब्रेक लगाने जैसी स्थितियों से बचने के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
फिलहाल, इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इसने यात्रियों को झकझोर कर रख दिया और सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतने की एक बार फिर जरूरत महसूस कराई है।


