नई दिल्ली| राजधानी के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रहा अभियान देर रात उस समय हिंसक हो गया, जब स्थानीय लोगों के एक समूह ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस टीम का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही थी, लेकिन विरोध के दौरान हालात बिगड़ गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एमसीडी की टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीन लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट रूप से बताया कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर हो रही है और यदि किसी को आपत्ति है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपील कर सकता है। इसके बावजूद 25 से 30 लोगों की भीड़ ने अचानक पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मौके पर तैनात पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी को मामूली चोटें आई हैं।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संयम बरतते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग किया और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब तक करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि चार से पांच संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन कैमरों की मदद से पथराव में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी नितिन वलसन ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार की जा रही थी और जितना कार्य निर्धारित था, वह लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा, पुलिस पर पथराव; पांच पुलिसकर्मी घायल, 10 हिरासत में


