तेहरान
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मोहम्मद बाघेर घलीबाफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हालिया चेतावनियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस बयानबाज़ी ने क्षेत्र में पहले से चल रहे संकट को और गंभीर बना दिया है।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर घलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अंग्रेजी में पोस्ट करते हुए ट्रंप को सीधे चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लापरवाह कदम न केवल पूरे पश्चिम एशिया को आग में झोंक सकते हैं, बल्कि अमेरिकी नागरिकों को भी “जीतेजी नरक जैसी स्थिति” में धकेल सकते हैं। घलीबाफ ने आरोप लगाया कि ट्रंप, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमीन नेतन्याहू के निर्देशों का पालन कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ रही है।
उन्होंने आगे कहा कि युद्ध अपराध करके कोई भी देश अपने उद्देश्य हासिल नहीं कर सकता। घलीबाफ के अनुसार, असली समाधान ईरानी जनता के अधिकारों का सम्मान करने और इस टकराव को समाप्त करने में है।
वहीं, ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि ईरान के कई लोग अपनी सरकार से नाराज़ हैं और बाहरी हमलों का समर्थन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी नागरिक भय के माहौल में जी रहे हैं और अमेरिका इस स्थिति में पीछे नहीं हटेगा।
इस पूरे विवाद के बीच यूनाइटेड नेशन्स में ईरान के मिशन ने भी ट्रंप की धमकियों को गंभीर बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मिशन ने कहा कि इस तरह के बयान नागरिकों को डराने और संभावित युद्ध अपराध की ओर इशारा करते हैं।
इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगही ने भी ट्रंप के बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी देश के ऊर्जा ढांचे पर हमला करने की धमकी देना पूरी आबादी को खतरे में डालने जैसा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।


