वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच सोमवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान को एक ही रात में पूरी तरह तबाह किया जा सकता है और यह कार्रवाई कभी भी हो सकती है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब युद्ध के साथ-साथ कूटनीतिक स्तर पर युद्धविराम की कोशिशें भी जारी हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने खुलासा किया कि पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जरेड कुशनर इस वार्ता में शामिल हैं। ट्रंप ने संकेत दिए कि जेडी वेंस मध्यस्थों के साथ आमने-सामने की बैठक में भी हिस्सा ले सकते हैं, जिससे वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश तेज हो सकती है।
ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान में हुए एक बड़े सैन्य बचाव अभियान का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पायलट को बचाने के लिए बेहद जटिल ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 150 से अधिक विमान और करीब 200 सैनिक शामिल थे। इस अभियान में बमवर्षक, लड़ाकू विमान, ईंधन टैंकर और बचाव हेलीकॉप्टर शामिल थे। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सेना के इतिहास के सबसे साहसी और जटिल अभियानों में से एक बताया।
उन्होंने बताया कि घायल पायलट को दुश्मन के हमलों के बीच सुरक्षित निकाला गया। इस दौरान उसे लगातार गोलीबारी का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने साहस दिखाते हुए खुद को बचाए रखा और अंततः अमेरिकी सेना ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसी बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप से फोन पर बातचीत की और इस अभियान के लिए अमेरिका की सराहना की। नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल के बीच मजबूत सहयोग जारी है और दोनों देश मिलकर ईरान के खिलाफ रणनीतिक कदम उठा रहे हैं।
पूरे घटनाक्रम से साफ है कि एक तरफ जहां युद्ध का खतरा लगातार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास भी तेज हैं। हालांकि, ट्रंप के सख्त और आक्रामक बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आने वाले समय में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।


