फर्रुखाबाद| मंगलवार को घने कोहरे का असर रेल यातायात पर साफ दिखाई दिया। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार थम गई, जिससे लंबी दूरी के साथ-साथ पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सबसे ज्यादा असर भिवानी से प्रयागराज जाने वाली कालिंद्री एक्सप्रेस पर पड़ा, जो अपने निर्धारित समय से करीब 5 घंटे 45 मिनट की देरी से फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। कालिंद्री एक्सप्रेस का स्टेशन पर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 6 बजे था, लेकिन यह ट्रेन सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर प्लेटफॉर्म पर पहुंच सकी।
इसके अलावा मथुरा से छपरा जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन भी फर्रुखाबाद स्टेशन पर करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। शिकोहाबाद पैसेंजर ट्रेन भी अपने तय समय से देरी से पहुंची, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं जयपुर-लखनऊ एक्सप्रेस भी लगभग 20 मिनट की देरी से चलती रही। इसके साथ ही कई अन्य लंबी दूरी की ट्रेनें भी कोहरे की चपेट में रहीं और समय से नहीं पहुंच सकीं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा पड़ने के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम रखनी पड़ी, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। सुरक्षा कारणों से ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाया गया, जिसका सीधा असर समय-सारिणी पर पड़ा।
ट्रेनों के घंटों देरी से पहुंचने के कारण भीषण सर्दी में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर बैठे यात्री ठंड और कोहरे के बीच ट्रेनों के आने का इंतजार करते रहे। कई यात्रियों ने बताया कि अचानक हुई देरी की सूचना न मिलने से उन्हें काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। मौसम साफ होने तक रेल संचालन पर इसी तरह असर बने रहने की संभावना जताई जा रही है।





