– जनमत संग्रह की हार के बाद बढ़ा दबाव
रोम। इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। देश की पर्यटन मंत्री डेनिएला सैंटांचे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे सरकार की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब सरकार को न्यायिक सुधारों पर हुए जनमत संग्रह (रेफरेंडम) में हार का सामना करना पड़ा है। इस नतीजे ने सरकार की नीतियों और जनसमर्थन दोनों पर असर डाला है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मेलोनी ने खुद सैंटांचे से पद छोड़ने को कहा था। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया, जिसे सरकार के भीतर बढ़ते दबाव का संकेत माना जा रहा है।
इससे पहले भी न्याय मंत्रालय से जुड़े दो अधिकारी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे यह साफ है कि सरकार के भीतर अस्थिरता बढ़ रही है।
डेनिएला सैंटांचे पहले से ही कई कानूनी विवादों में घिरी हुई थीं। उन पर फर्जी अकाउंटिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, हालांकि उन्होंने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है।
साल 2023 में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था, लेकिन उस समय वे पद पर बनी रहने में सफल रही थीं। अब हालात बदलने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा है।
अपने इस्तीफे में सैंटांचे ने कहा कि उन्हें इस तरह कार्यकाल खत्म होने का दुख है, लेकिन वे दूसरों की गलतियों का जिम्मा अपने ऊपर नहीं लेना चाहतीं।
जनमत संग्रह में सरकार के प्रस्ताव को जनता द्वारा खारिज किए जाने के बाद राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है, जिससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से मेलोनी सरकार की स्थिरता पर असर पड़ सकता है और विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका मिल सकता है।
यह मामला केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक राजनीतिक असंतोष और नेतृत्व की चुनौती को भी दर्शाता है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस संकट से कैसे उबरती है और क्या वह जनता का भरोसा फिर से हासिल कर पाती है।


