पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मेरापुर: थाना क्षेत्र के ग्राम नगला मना से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बीमारी से परेशान एक ग्रामीण (villager) ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त (suicide) कर ली। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नगला मना निवासी 44 वर्षीय प्रमोद कुमार यादव उर्फ रामजी बीते काफी समय से गंभीर बीमारी से ग्रसित चल रहा था। बीमारी के चलते वह मानसिक रूप से भी काफी परेशान रहने लगा था। परिजनों के अनुसार लगातार इलाज के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा था, जिससे वह अवसाद में चला गया था।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात प्रमोद कुमार यादव ने घर के निकट स्थित एक बबूल के पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार की सुबह जब परिजन घर से बाहर निकले तो प्रमोद का शव पेड़ से लटका हुआ देख चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर शमशाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण लंबी बीमारी से उत्पन्न मानसिक तनाव माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रमोद एक शांत स्वभाव का व्यक्ति था, लेकिन बीमारी ने उसे अंदर से तोड़ दिया था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि लंबी बीमारी और मानसिक तनाव किस कदर इंसान को अकेला और मजबूर कर देता है।


