अयोध्या/लखनऊ।
द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या दौरे को लेकर बृहस्पतिवार को पूरी रामनगरी अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच रही। करीब सात घंटे तक नभ, थल और जल—तीनों स्तरों पर हाई अलर्ट लागू रहा। शहर के प्रमुख इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया, जिससे बिना अनुमति कोई भी गतिविधि संभव नहीं हो सकी।
राष्ट्रपति सुबह करीब 10:30 बजे महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंचीं। यहां से कड़े सुरक्षा घेरे में उनका काफिला राम मंदिर के लिए रवाना हुआ। उनके आगमन से करीब तीन घंटे पहले ही पूरे शहर में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था।
दौरे के मद्देनजर लखनऊ और सुल्तानपुर को जोड़ने वाले हाईवे को पूरी तरह सील कर दिया गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। राष्ट्रपति का काफिला तय मार्ग से गुजरते हुए मोहबरा और टेढ़ी बाजार होते हुए मंदिर परिसर के 11 नंबर द्वार से प्रवेश किया।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सीआरपीएफ, एनएसजी, एटीएस और सिविल पुलिस समेत करीब तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर स्नाइपर भी मुस्तैद रखे गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हाईवे किनारे स्थित मकानों की छतों पर सशस्त्र जवानों को तैनात किया गया। वहीं सरयू नदी में जल पुलिस की विशेष टुकड़ी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थी, ताकि किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
आधुनिक तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया गया। एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। येलो जोन और हनुमानगढ़ी स्थित कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की जाती रही।


