अपर जिला जज ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर ₹13-13 हजार का अर्थदंड भी लगाया
फर्रुखाबाद: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष ईसी एक्ट) तरुण कुमार सिंह की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में महिला सहित तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं ₹13-13 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित (prison) किया है। दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में नूरूल निशा पत्नी रफी अहमद, मोहम्मद दिलशाद पत्नी मोहम्मद इकराम तथा मोहम्मद जकी अहमद पुत्र रफी अहमद, सभी निवासी मोहल्ला छोटी गढ़ी जमा ख़ां, कोतवाली फर्रुखाबाद, शामिल हैं।
मामला वर्ष 2009 का है। पीड़ित कदीर अंसारी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसका भाई परवेज अंसारी 18 जनवरी 2009 की सुबह करीब 10 बजे अपने मकान की दीवार बनाने के लिए ईंटें लगा रहा था। तभी नूरूल निशा, जकी अहमद और दिलशाद ने लाठी-डंडों एवं गोम्मो से उस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
प्रारंभ में पुलिस ने मामले में एनसीआर दर्ज की थी, लेकिन मेडिकल परीक्षण में सिर पर गहरी चोट की पुष्टि होने पर मामला धारा 308 आईपीसी (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) में परिवर्तित कर विवेचना की गई। विवेचक द्वारा साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अदालत ने अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार व अखिलेश कुमार राजपूत की प्रभावी पैरवी तथा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने तीनों को तीन-तीन वर्ष का कारावास और ₹13-13 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।


