मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा (India-Nepal border) में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे चार संदिग्धों को सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने पकड़ा, जिनमें तीन बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि एक भारतीय नागरिक बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसपैठ करने में मदद कर रहा था और मामले की जांच की जा रही है।
एसएसबी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान मोहम्मद फिरोज (मुजम्मिल का पुत्र), मोहम्मद सोफाज (अब्दुल मुनाफ का पुत्र) और मोहम्मद ओलुर रहमान (बिलाल हुसैन का पुत्र) के रूप में हुई है। भारतीय नागरिक की पहचान पश्चिम चंपारण के चनपटिया निवासी मोहम्मद सरफराज अंसारी के रूप में हुई है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद रक्सौल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
गश्त पर तैनात जवानों ने चारों आरोपियों को देखा और संदेह के आधार पर उनसे पूछताछ की। सरफराज का यह जवाब कि वह तीनों को अपने घर ले जा रहा था, संतोषजनक नहीं था। तीनों के मोबाइल फोन की जांच करने पर पता चला कि वे बांग्लादेशी नागरिक थे और सरफराज उन्हें अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश कराने में मदद कर रहा था।
एसएसबीटीम ने बताया, “हमें रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा के पास चार संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा घुसपैठ के प्रयासों की सूचना मिली थी। खुफिया जानकारी के आधार पर पहले से ही हाई अलर्ट पर मौजूद एसएसबी टीम ने उन्हें पकड़ लिया। उनसे पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।” एसएसबी ने बताया कि उनके मोबाइल फोन से मिली चैट और लोकेशन डेटा से पता चला कि वे बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रहे थे, जहां से उन्हें चेन्नई जाना था। एसएसबी ने आगे बताया कि आरोपियों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जो मामले की जांच कर रही है।
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के पास से जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं। उनके पास भारतीय पहचान पत्र थे, लेकिन जांच में वे नकली साबित हुए। सरफराज ने कबूल किया कि उसने यह सब पैसों के लालच में किया था। एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल ने कहा, “सतर्क जवानों ने भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।
बांग्लादेशदूतावास को तीनों नागरिकों के प्रत्यर्पण के लिए सूचित किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हैं और गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। चेन्नई पुलिस को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।”
इस बीच, सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीणों ने एसएसबी की समयबद्ध कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा, “ऐसी कार्रवाइयों से सुरक्षा मजबूत होती है। मानसून के बाद घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाती हैं और सर्दियों में भी जारी रहती हैं। सरकार को सीमा की दीवार को और मजबूत करना चाहिए और अधिक तकनीक लगानी चाहिए।”
गौरतलब है कि हाल ही में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पटना में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। इसमें मादक पदार्थों और शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए खुफिया नेटवर्क को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए थे।


