शरद कटियार
जीवन में दो चीज़ें सबसे मूल्यवान मानी गई हैं—समय और प्रेम (love)।
ये दोनों जितने सरल दिखते हैं, उतने ही गहरे और अनमोल हैं। कहते हैं, “समय और प्रेम वहीं देना चाहिए जहाँ उसकी कद्र हो।” लेकिन एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि जिसे यह एहसास हो जाए कि आप उसे हमेशा समय देंगे, हमेशा साथ खड़े रहेंगे, हमेशा प्रेम करते रहेंगे—वह अक्सर आपकी कद्र करना बंद कर देता है। क्योंकि इंसान की फितरत है कि वह उन्हें ही हल्के में लेता है, जो बिना किसी शर्त के मिल जाते हैं।
मानव मन की प्रवृत्ति है कि वह संघर्ष में मिली चीज़ों की कीमत समझता है।जिसे पाने के लिए प्रयास करना पड़े उसकी कद्र बढ़ती है।लेकिन जो हमेशा पास हो, हमेशा उपलब्ध हो,वह महत्वपूर्ण नहीं, साधारण माना जाने लगता है।प्रेम भी इससे अलग नहीं।जब रिश्ता एकतरफा प्रयासों पर खड़ा हो,तो रिश्ता नहीं—एक बोझ बन जाता है।
यह सच है कि जब कोई समझ लेता है कि“ये तो मेरे बिना रह ही नहीं सकता,”तब वह आपके महत्व को कम आँकना शुरू कर देता है।ज़रूरत को वेकनेस समझ लिया जाता है।और आदमी उसी की कद्र करता है,जो उसके जीवन में ऑप्शन लगने लगे, जिम्मेदारी नहीं।
सच्चा प्रेम कभी कमजोरी नहीं होता,
लेकिन गलत लोग उसे कमजोर समझ लेते हैं।
आप किसी को अपना समय देते हैं
मतलब आप अपनी जिंदगी का हिस्सा उसके नाम कर रहे हैं।
समय वह चीज़ है जो दोबारा नहीं मिलती।फिर भी कई लोग दूसरों के समय कोअपनी “राइट” समझकर बर्बाद कर देते हैं।जो आपकी मौजूदगी को “स्वाभाविक” मान ले,वह आपकी गैर-मौजूदगी का दर्द भी नहीं समझ सकता।
जिसे कभी सच्चा प्रेम नहीं मिला,
वह प्रेम को अनमोल समझता है।
लेकिन जो प्रेम को यूँ ही मिलता देखता है,वह इसे कभी गंभीरता से नहीं लेता।कुछ लोग आपके दिल से खेले बिना आपके दिल की कीमत ही नहीं समझते।
दुनिया में आपकी कद्र वही करेगा
जो आपको खोने से डरता हो।
बाकी या तो आपकी आदत बन जाते हैं,या आपका फायदा उठाते हैं।
इसलिए अपने समय की कीमत पहचानिए।अपने प्रेम की सीमा तय कीजिए।अपनी भावनाओं को किसी का बोझ मत बनने दीजिए।
और सबसे महत्वपूर्ण
किसी को यह मत सोचने दीजिए कि आप उसके बिना टूट जाएंगे।
क्योंकि जब आप खुद अपनी कद्र नहीं करेंगे,तब दुनिया भी आपकी कद्र नहीं करेगी।
समय और प्रेम देने का हक हर किसी को नहीं मिलता।
ये दो चीज़ें सिर्फ वहां दें
जहाँ सम्मान लौटकर आए,
जहाँ प्रेम की कद्र हो,
और जहाँ आपकी उपस्थिति मूल्यवान समझी जाए, निश्चित नहीं।
याद रखिए जो आपको खोने से डरता हो, वही वास्तव में आपका है।
बाकी सब, सिर्फ समय बर्बाद करते हैं।


